हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्चे के साथ हुई बेरहमी मारपीट की घटना में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया था। पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए हजारीबाग पुलिस को अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी आलोक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया, पुलिस की ओर से बताया गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि मामला मंगलवार की है, जब बरही थाना क्षेत्र में क्रिकेट खेलने के दौरान दो नाबालिग बच्चों के बीच मामूली कहासुनी हो गई थी। बच्चों का यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक बच्चे का चाचा मौके पर पहुंचा और भतीजे के मोह में अंधा होकर दूसरे बच्चे पर हमला कर दिया। पीड़ित बच्चा अनिल प्रजापति का बेटा बताया जा रहा है। जहां खेल का मैदान बच्चों की हंसी, सपनों और दोस्ती का प्रतीक होना चाहिए था, वहीं उस दिन डर और आंसुओं का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोग पहले सन्न रह गए। काफी देर बाद महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और आरोपी को रोका। महिलाओं ने चेतावनी दी कि बच्चे की जान को खतरा हो सकता है और शिकायत करनी है तो माता-पिता से की जानी चाहिए, लेकिन तब तक एक मासूम पर जुल्म हो चुका था। इस घटना ने समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है-क्या अब बच्चों के खेल भी सुरक्षित नहीं रहे? क्या गुस्सा और ताकत का नशा इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह एक नाबालिग की जान की भी परवाह नहीं करता?मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी। वीडियो के वायरल होने के बाद जनआक्रोश और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।