रांची के रातू रोड फ्लाइओवर को चालू हुए महज दो महीने हुए हैं, लेकिन ऑटो चालकों की मनमानी के कारण यहां लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है और इसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने फ्लाइओवर पर अनियंत्रित ऑटो परिचालन को चिंताजनक बताया है। अदालत ने सड़कों पर जगह-जगह ऑटो खड़ा कर यात्रियों को बैठाने की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 28 अगस्त तय की है और राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑटो चालकों ने फ्लाइओवर क्षेत्र को अवैध रूप से ऑटो स्टैंड में बदल दिया है। यहां से मांडर, रातू, पंडरा, रवि स्टील और कमड़े जैसे इलाकों के लिए सवारियों को आराम से बैठाया जा रहा है वह भी पुलिस की मौजूदगी में। स्थिति इतनी बदतर है कि एसबीआई मुख्य शाखा से फ्लाइओवर रैंप तक का रास्ता तय करने में चारपहिया वाहनों को 20 से 23 मिनट तक का समय लग रहा है।