डेस्क :
रांची-टाटा मुख्य मार्ग के नामकुम थाना क्षेत्र में एक बंद होटल का शांत माहौल अचानक पुलिस के छापे से हलचल में बदल गया। गुप्त सूचना के आधार पर रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर की देखरेख में टीम ने जैसे ही होटल में कदम रखा, आरोपी भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने 15 आरोपियों को धर दबोचा। वहीं, 22 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली। रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने मीडिया को बताया कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर बाइक चोरी का काम करता था। गिरोह के छह सदस्य मास्टर चोर हैं, जो दिन-रात शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बाइक चोरी करते थे। बाकी नौ लोग चोरी की गाड़ियों को औने-पौने दामों में बेचने का काम करते थे। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि सभी बाइकें चोरी की गई थीं और गिरोह में अभी भी 15-20 अन्य सदस्य एक्टिव हैं।
पुलिस कप्तान राकेश रंजन को सूचना मिली थी कि यह गिरोह होटल में चोरी की बाइक बेचने के लिए इकट्ठा हुआ है। सूचना पाते ही उन्होंने रणनीति बनाई। होटल के आसपास घेराबंदी कर, पुलिस की टीम ने जैसे ही छापा मारा, आरोपी हड़बड़ी में भागने लगे। लेकिन किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
गिरफ्तार लोगों के नाम रूपेश कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह उर्फ चिराग, प्रेम कुमार सईस, विनोद कुमार महतो, रोनित कुमार, आयुष महतो, करण कुमार महतो, बादल सिंह मुंडा, कमलेश कुमार महतो, क्लीन्टन कच्छप उर्फ चुस्की, रोहित सईस, जयदेव महतो, करण गोस्वामी, विनोद महतो, मनोज उरांव और सत्यम महतो बताये गये। इनमें से रूपेश कुमार सिंह, प्रेम कुमार सईस, विनोद कुमार महतो, रोनित कुमार, आयुष महतो और करण कुमार महतो जहां-तहां से बाइक चोरी करने का काम करते थे। वहीं, बाकी के नौ सदस्य चोरी की उन गाड़ियों को बेचने का काम करते थे। इनमें से कुछ आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सोनू सिंह उर्फ चिराग है।
गिरोह के निशानदेही पर अब तक 22 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 30-35 लाख रुपये बताई जा रही है। ये सभी बाइक रांची जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई चोरी के 19 मामलों से संबंधित हैं। पुलिस अब भी गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की बाइक बरामद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गिरोह का यह मामला रांची पुलिस के लिए चुनौती रहा है, लेकिन अब तक की सफलता ने शहर में सुरक्षा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाया है।









